सैर पर जायें, देश बनायेंArticles

सैर पर जायें, देश बनायें

ख्वाजा मीर दर्द ने लिखा है- “सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल ज़िंदगानी फिर कहां…।” ये लाइनें बीते 15 अगस्त को…