खामोशी के खतरेArticles

खामोशी के खतरे

तिहत्तर साल पहले हिटलर की हार के बाद पूर्वी जर्मनी पर सोवियत संघ के कब्जे के दौरान महिलाओं के साथ…

नोबल शांति से उजागर अशांतिArticles

नोबल शांति से उजागर अशांति

इस बार के नोबल शांति पुरस्कार में दुनिया के कुछ हिस्से में गंभीर अशांति के संदेश छुपे हैं, जो आधी…

रामजी करेंगे बेड़ा पारArticles

रामजी करेंगे बेड़ा पार

भारतीय जनता पार्टी का कभी यह लोकप्रिय नारा था-रामलला हम आएंगे मंदिर वहीं बनाएंगे। इसी नारे के कठघरे में भारतीय…

आइए! गांधी को जीना शुरू करेंArticles

आइए! गांधी को जीना शुरू करें

आज से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती शुरू हो रही है। ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि…

गठबंधन की खुलती गाठेंArticles

गठबंधन की खुलती गाठें

नरेंद्र मोदी के अश्वमेधी रथ को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश में महागठबंधन की कोशिशें तार-तार होती जा रही हैं।…

एक नई सुबह की शुरुआतArticles

एक नई सुबह की शुरुआत

  आइए। परखिए। फिर राय बनाइये। पहली मर्तबा किसी संगठन ने खुद को कसौटी पर कसने के लिए इस कदर…

नई लाइन पर मोदीArticles

नई लाइन पर मोदी

  पिछले लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी ने केवल बहुसंख्यक मतदाताओं के बलबूते सरकार बनाने का जो मंसूबा खड़ा किया…

छांटों, बांटों, राज करोArticles

छांटों, बांटों, राज करो

अपने उपनिवेश भारत पर राज्य करने के लिए अंग्रेजों ने एक नीति बनाई थी- ‘बांटो और राज करो।‘ स्वराज आने…

अब गोवा की बारी!Articles

अब गोवा की बारी!

प्रकृति ने हमें जो भी उपहार में दिया है। यदि हम उसका उपयोग करते रहें तो अनंत पीढ़ियों तक प्रकृति…