वर्तमान में पत्रकारिताकविताएं/Speeches

वर्तमान में पत्रकारिता

मित्र त्रियुग नारायण जी ने जब मुझे यहां आने का फोन पर आदेश सुनाया। तब उन्होंने कहा था कि राजेंद्र…

सोमयज्ञ में हो लिया जिला प्रशासन साथ

सोमयज्ञ में हो लिया जिला प्रशासन साथ सामाजिक सौहार्द बढ़ेगा ऐसी है कुछ बात ऐसी है कुछ बात साथ हैं…

हर्षता मेहता ने कहा संरक्षण दें आज

हर्षता मेहता ने कहा संरक्षण दें आज बतला दूं मैं और भी घोटाले के  राज घोटालों के  राज आज यदि…

सत्ता में होने लगा धर्म न्याय का खेल

सत्ता में होने लगा धर्म न्याय का खेल बलि-बेदी पर चढ़ रहा लोकतंत्र का मेल लोकतंत्र का मेल, लोक है…

धूल भरी आंधी चली हुआ तुषारापात

धूल भरी आंधी चली हुआ तुषारापात रद कठौरा में हुई अधिवेशन की बात अधिवेशन की बात घात थी नेताओं की…

मरता मानव भूख से, पानी से बेहाल

मरता मानव भूख से, पानी से बेहाल सूखा राहत कोष का नेता लूटे माल नेता लूटे माल, भर रहे अपनी…

सोमयज्ञ से लग रहे ऐसे कुछ आसार

सोमयज्ञ से लग रहे ऐसे कुछ आसार घटना की संभावना कौन करे इंकार कौन करे इंकार भला इस उधल-पुथल में…

मिल्ली पार्लियामेन्ट ने छेड़ी एक जेहाद

मिल्ली पार्लियामेन्ट ने छेड़ी एक जेहाद लोकतंत्र नहि मानते शूरा में विश्वास शूरा में विश्वास कि नेता खस्सी हो गए…

जनता का हक मार कर करें करोड़ो खर्च

जनता का हक मार कर करें करोड़ो खर्च पानी जैसा धन बहे नहीं है कोई फर्क नहीं है कोई फर्क…