प्रेम की धरा, भूली रिझाने की कलाArticles

प्रेम की धरा, भूली रिझाने की कला

प्रेम और सेक्स को लेकर हमारे यहां बहुत ढेर सारी लक्ष्मण रेखाएं खींची गईं हैं। तमाम वर्जनाएं खड़ी की गइंर्…

ताशीए सतपाल सरीखे हीरो को भी नमनArticles

ताशीए सतपाल सरीखे हीरो को भी नमन

शहीदों की चिताओं पर जुड़ेंगे हर बरस मेले वतन पर मरने वालों का यही बाक़ी निशाँ होगा। वर्ष 1916 में…

झूठ की सियासतArticles

झूठ की सियासत

लोगों का बड़ा समूह छोटे झूठ की अपेक्षा बड़े झूठ का आसानी से शिकार बन जाता है। एक झूठ एक…