सोशल पुलिसिंग की जरूरतArticles

सोशल पुलिसिंग की जरूरत

वैश्वीकरण की बयार बहने और शहरीकरण के ठीक पहले तक सोशल पुलिसिंग ने हालात पर काफी नियंत्रण कर रखा था।…

हर्ष नव, वर्ष नव, जीवन उत्कर्ष नवArticles

हर्ष नव, वर्ष नव, जीवन उत्कर्ष नव

नये साल पर हर शख्स अपने लिए कोई न कोई नया संकल्प लेता है। नये सपने बुनता है। प्रत्येक समाज…

जनादेश के संदेश समझें बयानवीरArticles

जनादेश के संदेश समझें बयानवीर

जैसे-जैसे चुनाव सिर पर आते हैं, बड़े-बड़ों की नीति और नियति बदल जाती है। किसी का भी चुनाव में दिमाग…

यह मयार क्यों नहींArticles

यह मयार क्यों नहीं

यह सवाल इन दिनों तीन तलाक और हलाला से पीड़ित महिलाएं सिर्फ अपनी जाति और जमात से नहीं बल्कि पूरे…

फिर उभरी जाति….Articles

फिर उभरी जाति….

जाति की राजनीति और राजनीति की जाति। इन दोनों के बीच बीते चार साल के दौरान बड़े व्यापक पैमाने पर…

जाति जाती नहीं, जाने नहीं दी जाती….Articles

जाति जाती नहीं, जाने नहीं दी जाती….

जाति न पूछो साधु की, पूछ लीजियो न ज्ञान। यह बात कबीर ने इसलिए कही थी क्योंकि जब भी ज्ञान…

महाशक्ति बनने के लिए काम करने की आदत ड़ालनी होगीArticles

महाशक्ति बनने के लिए काम करने की आदत ड़ालनी होगी

किसी भी देश की अर्थव्यवस्था और प्रगति समझने का आधार कार्यशील जनसंख्या होती है। भारत एक ऐसा देश है जहां…

हाशिये पर असल मुद्दे…Articles

हाशिये पर असल मुद्दे…

धर्म, जाति और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दे अब हथियार बनते जा रहे हैं। हालांकि इनको हथियार बनाकर लड़ी जा रही…

ये कहां जा रहे हैं हमArticles

ये कहां जा रहे हैं हम

  ‘सिलसिला’ फिल्म के एक दृश्य में अमिताभ बच्चन और रेखा एक गाने में यह कहते हुए आगे बढ़ रहे…